[ad_1]

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने कहा, ‘‘इस साल कुल मिलाकर मॉनसून अच्छा रहेगा. इससे खेती और अर्थव्यवस्था में मदद मिलेगी.’’

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को कहा कि इस साल का मॉनसून सामान्य या सामान्य से अधिक की श्रेणी में समाप्त हो सकता है. चार महीने के मॉनसून के मौसम में जून और अगस्त महीने में सामान्य से क्रमश: 17 और 24 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गयी, वहीं जुलाई में 10 प्रतिशत कम बारिश हुई.

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, ‘‘बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक की श्रेणी में समाप्त हो सकती है.’’ उन्होंने कहा कि इस बार संपूर्ण मॉनसून ‘दीर्घ अवधि औसत’ (एलपीए) का 102 प्रतिशत हो सकता है जिसमें चार प्रतिशत कम या ज्यादा की त्रुटि हो सकती है. देश में 1961 से 2010 की अवधि में एलपीए बारिश 88 सेंटीमीटर है.

सामान्यत: एलपीए देश में 50 वर्ष की अवधि में वर्षा का औसत होता है. एलपीए के 96 से 104 प्रतिशत के बीच रहने पर मॉनसून को सामान्य माना जाता है. देश में एक जून से 30 सितंबर तक मॉनसून का मौसम माना जाता है. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने कहा, ‘‘इस साल कुल मिलाकर मॉनसून अच्छा रहेगा. इससे खेती और अर्थव्यवस्था में मदद मिलेगी.’’

बंगाल में भारी बारिश, दिल्ली और मुंबई में उमस से राहत मिली
देश के विभिन्न भागों में सोमवार को बारिश हुई. पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी जिलों के निचले इलाकों में जहां भारी बारिश हुई तो वहीं दिल्ली और मुंबई में बारिश के बाद लोगों को उमस से थोड़ी राहत मिली. हालांकि, पंजाब और हरियाणा में अधिकतम तापमान सामान्य सीमा से अधिक रहा, जिस कारण वहां मौसम उमस भरा रहा.

[ad_2]

Source link