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74वें आज़ादी दिवस पर जालंधर में लहराया राष्ट्रीय झंडा…


जालंधरः- पंजाब के सहकारिता और जेल मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने राज्य के किसानों और युवाओं को बचाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से जारी किए गए तीन खेती आरडीनैंसें खिलाफ एकजुट होकर सांझे तौर पर प्रयत्न करने की ज़रूरत पर जोर दिया। गुरू गोबिन्द सिंह स्टेडियम जालंधर में 74वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय झंडा लहराने पर अपने संबोधन में रंधावा ने खास कर युवाओं, किसान जत्थेबंदियाँ और अन्य को केंद्र सरकार की तरफ से जारी किये गए आरडीनैंसें को वापिस लेने के लिए इकठ्ठे होने के लिए कहा। उन्होनें केंद्र सरकार को सवाल किया कि मक्का, दालें, सूरजमुखी की फ़सल पर एम.एस.पी. का ऐलान क्यों नहीं किया जाता। जिस कारण किसाना को कम कीमत पर फसले बेचने के लिए मज़बूत होना पड़ रहा है। रंधावा ने कहा कि एम.एस.पी.तों बिना पंजाब का किसान किस तरह अपनी फसल का मंडीकरन कर सकता है,यह तो उनकी मुश्किलें बढ़ाएगा। पंजाब हमेशा ही देश में फसलों की ख़रीद करने और किसानों को एम.एस.पी.देने में आगे रहा है। यह हमारी सब की नैतिक ज़िम्मेदारी बनती है कि हम अपने महान आज़ादी संग्रामियों की तरफ से देखे गए सपनों को पूरा करने के लिए समर्पण भावना के साथ सांझे यत्न करें जिन्होंने अपनी, जान मातृ भूमि के लिए कुर्बान कर दीं। रंधावा ने कहा कि यह उनके लिए सम्ममान वाली बात है कि वह जालंधर में दूसरी बार ऐसे समागमों की अध्यक्षता कर रहे हैं,जो कि दोआबा का हिस्सा है और जिस ने अधिक से अधिक देश के आज़ादी संग्रामियों जैसे शहीद भगत सिंह और ग़दर लहर और बब्बर अकाली लहर के योद्धों को पैदा किया है। उन्होनें बताया कि उनके पिता और पूर्व मंत्री पंजाब संतोख सिंह रंधावा की तरफ से भी साल 1980 में ऐसे समागमों पर राष्ट्रीय झंडा लहराया जा चुका है। कोविड -19 महामारी पर उन्होनें कहा कि पंजाब सरकार पहले ही अदृश्य दुश्मन ख़िलाफ़ जंग लड़ी जा रही है और पंजाब कोरोना योद्धाओं की मेहनत और अथक यतनों से इस पर जीत प्राप्त कर लेगा और पंजाब में अन्य राज्य की अपेक्षा स्थिति काफ़ी बेहतर है।



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