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जालंधर(विनोद बिंटा)- भार्गव कैंप में एक ही समाज की तीन बरादरियों में चल रहे विवाद ने आज उस समय तूल पकड़ी, जब संदीप पाहवा के खिलाफ थाना भार्गव कैंप में धारा 294/504/506/27आई.टी के तहत मामला दर्ज किया गया। जैसे ही संदीप पाहवा के समर्थकों को यह पता चला कि पाहवा के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। उन्होंने इकट्ठे होकर थाना भार्गव कैंप का घेराव करते हुए नारेबाजी करनी शुरु कर दी। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि संदीप पाहवा के खिलाफ राजनीति चमकाने के लिए किसी बात को तूल देकर मामला दर्ज करवाया है और उसके परिवार को धमकियां लगातार दी जा रही है। जिसके चलते पाहवा ने पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिहं भुल्लर के समक्ष पेश होकर पूर्व चेयरमैन पंजाब गऊसेवा कमिशन के कीमती भगत के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई थी। पाहवा के खिलाफ तो पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। कीमती भगत के खिलाफ भी मामला दर्ज होना चाहिए, नही तो जो पाहवा पर मामला दर्ज हुआ है वह भी रद्द किया जाए। धरना प्रदर्शन लगातार जारी रहा। जिसकी सूचना पाते ही ए.सीपी वैस्ट बरजिदंर सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने संदीप पाहवा और उसके समर्थक शिव सेना हिंद के नेता ईशांत शर्मा, मुनीष बाहरी, मोहित वर्मा, विनय कपूर व अन्य आए लोगों को आश्वासन दिया कि वह इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी तरह जांच करेंगे।ए.सीपी के आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया। उधर संदीप पाहवा और उसके परिवार वालों का आरोप था कि जिस दिन से कीमती भगत, शिव सेना नेता सुभाष गोरिया, गांधी कैंप का रिंकू, लब्बा आरेवाला, जनका ने एक ऑडियो क्लीपिंग को लेकर अपनी राजनीति चमकाने को लेकर मुद्दा बनाया था। उन्हें कई तरह की धमकियां दी जा रही है। कीमती भगत ने भी उन्हें धमकियां दी है, वह और उसका परिवार इन लोगों के कारण मानसिक तौर पर परेशान हो रहा है। जो उन्होंने शिकायत दर्ज करवाई है उसके खिलाफ कार्रवाही होनी चाहिए।

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