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जालंधर(विनोद बिंटा)- कोरोना की इतनी दशहत थी कि अगर किसी इलाके में कोरोना का मरीज निकल आता तो प्रशासन में खलबली मच जाती थी। लेकिन आज कल प्रशासन कोरोना के मरीजों को गंभीरता से नही ले रहा है। जिसकी उदाहरण आज बस्ती दानिशमंदा के कट्टरा मोहल्ला श्री गुरु रविदास मंदिर के निकट देखने को मिल रही है। कुछ दिन पहले बैंक में काम करने वाली एक महिला कोरोना पॉजिटिव आई थी। जिसके चलते उसके घर के आसपास रहने वाले कुछ लोगों में टैस्ट लिए गए थे। जिसमें विजय निवासी कट्टरा मोहल्ला के टैस्ट की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। विजय की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के कारण लोगों में दहशत बनी हुई है। क्योंकि विजय को प्रशासन की और से कोई भी मदद नही मिली और न ही सेहत विभाग की टीम उसे सिविल अस्पताल में ले जाने के लिए पहुंची। विजय ने बताया कि मोहल्ले में एक महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। जिसके चलतो उसका टैस्ट हुआ तो उसकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई। आशा वर्कर की टीम उसके पास पहुंची और उसे देख कर चली गई। जिसके बाद किसी ने नही उसे पूछा। वह कोरोना पॉजिटिव मरीज है। वह अपने घर में भी नही रह सकता। परिवार के सदस्यों को कोरोना का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन की और से भी उसे कोई मदद नही मिली। वह अपना अधिकतर समां ऑटो में बैठ कर ही बसर कर रहा है।उधर मोहल्ले के लोग भी दहशत में चल रहे है।

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