वाशिंगटन। वैज्ञानिकों ने घर में निर्मित सामान्य कपड़े के मास्क का अध्ययन करने पर पाया है कि ये मास्क खांसी और छींक से फैलने वाले बड़े रोग कणों को रोक पाने में कामयाब हैं और यहां तक कि एक परत वाले घर में बने मास्क भी समान रूप से कारगर हैं। पूर्व में वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययनों में छोटे और सूक्ष्म रोग कणों के प्रसार पर ध्यान केंद्रित किया था, लेकिन इलिनोइस यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि बोलने, खांसने और छींकने से बड़े रोग कण निकलते हैं।

इनका आकार व्यास में लगभग एक मिलीमीटर तक का होता है और इनके जरिए विषाणु का प्रसार हो सकता है। वैज्ञानिकों ने घर में निर्मित सामान्य कपड़े के मास्क का अध्ययन करने पर पाया है कि ये मास्क खांसी और छींक से फैलने वाले बड़े रोग कणों को रोक पाने में कामयाब हैं और यहां तक कि एक परत वाले घर में बने मास्क भी समान रूप से कारगर हैं। पूर्व में वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययनों में छोटे और सूक्ष्म रोग कणों के प्रसार पर ध्यान केंद्रित किया था, लेकिन इलिनोइस यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि बोलने, खांसने और छींकने से बड़े रोग कण निकलते हैं। इनका आकार व्यास में लगभग एक मिलीमीटर तक का होता है और इनके जरिए विषाणु का प्रसार हो सकता है।

वैज्ञानिकों ने घर में निर्मित सामान्य कपड़े के मास्क का अध्ययन करने पर पाया है कि ये मास्क खांसी और छींक से फैलने वाले बड़े रोग कणों को रोक पाने में कामयाब हैं और यहां तक कि एक परत वाले घर में बने मास्क भी समान रूप से कारगर हैं। पूर्व में वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययनों में छोटे और सूक्ष्म रोग कणों के प्रसार पर ध्यान केंद्रित किया था, लेकिन इलिनोइस यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि बोलने, खांसने और छींकने से बड़े रोग कण निकलते हैं। इनका आकार व्यास में लगभग एक मिलीमीटर तक का होता है और इनके जरिए विषाणु का प्रसार हो सकता है।

उन्होंने कहा कि बड़े रोग कण एक खतरा हैं क्योंकि वे गति तेज होने पर कुछ तरह के कपड़े (मास्क) की सतह में घुस सकते हैं और छोटे कणों में विभाजित होकर हवा के जरिए फैल सकते हैं। अध्ययन रिपोर्ट पत्रिका एक्स्ट्रीम मकैनिक्स लेटर्स में प्रकाशित हुई है। इसमें कहा गया है कि घर में निर्मित सामान्य कपड़े के मास्क खांसी और छींक से फैलने वाले बड़े रोग कणों को रोक पाने में कामयाब हैं और यहां तक कि इस तरह के एक परत वाले मास्क भी समान रूप से कारगर हैं। उन्होंने कहा कि बड़े रोग कण एक खतरा हैं क्योंकि वे गति तेज होने पर कुछ तरह के कपड़े (मास्क) की सतह में घुस सकते हैं और छोटे कणों में विभाजित होकर हवा के जरिए फैल सकते हैं। अध्ययन रिपोर्ट पत्रिका एक्स्ट्रीम मकैनिक्स लेटर्स में प्रकाशित हुई है। इसमें कहा गया है कि घर में निर्मित सामान्य कपड़े के मास्क खांसी और छींक से फैलने वाले बड़े रोग कणों को रोक पाने में कामयाब हैं और यहां तक कि इस तरह के एक परत वाले मास्क भी समान रूप से कारगर हैं।

उन्होंने कहा कि बड़े रोग कण एक खतरा हैं क्योंकि वे गति तेज होने पर कुछ तरह के कपड़े (मास्क) की सतह में घुस सकते हैं और छोटे कणों में विभाजित होकर हवा के जरिए फैल सकते हैं। अध्ययन रिपोर्ट पत्रिका एक्स्ट्रीम मकैनिक्स लेटर्स में प्रकाशित हुई है. इसमें कहा गया है कि घर में निर्मित सामान्य कपड़े के मास्क खांसी और छींक से फैलने वाले बड़े रोग कणों को रोक पाने में कामयाब हैं और यहां तक कि इस तरह के एक परत वाले मास्क भी समान रूप से कारगर हैं।

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