[ad_1]

चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों की ओर से भारतीय सेना को उसकी स्थिति (पोजिशन) से हटाने के लिए नए सिरे से प्रयास किए जाने की संभावना है.

लद्दाख: भारत और चीन के बीच एलएसी पर जहां 45 साल साल बाद फायरिंग हुई वहां अभी भी चकराव के हालात बने हुए हैं. असी बीच एलएसी से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आयी है. चीन की सेना ने एलएसी पर अपने भाले वाले दस्ते तैनात कर दिए हैं.

चीनी सैनिकों ने जो भाले जैसा हथियार हाथ में ले रखा है उसे ‘गुउंडाओ’ कहते हैं. ये चीन का मध्यकालीन हथियार है. माना जा रहा है कि चीन के जो सैनिक इस तस्वीर में दिखाई पड़ रहे हैं, वे रैगुलर-आर्मी नहीं बल्कि मिलिशिया-फोर्स है जो बेहद खूंखार होती है.

जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना के साथ रविवार को हुई घटना के बाद से ही चीनी सैनिक भाले और धारदार हथियार लेकर एलएसी पर जमे हुए हैं. चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों की ओर से भारतीय सेना को उसकी स्थिति (पोजिशन) से हटाने के लिए नए सिरे से प्रयास किए जाने की संभावना है. इस तस्वीर से सामने कआने के बाद साफ नजर आ रहा है कि एलएसी पर अभी भी टकराव की स्थिति बनी हुई है.

सीमा पर स्थिति को लेकर रक्षामंत्री की उच्च अधिकारियों के साथ बैठक
सीमा पर चीन से फिर तनाव बढ़ने के साथ भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व ने कई दौर का विचार-विमर्श किया है. भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात की. भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवड़े ने राजनाथ सिंह को उभरती स्थिति के बारे में जानकारी दी.

इससे पहले दिन में, भारतीय सेना ने दावा किया था कि चीनी सैनिक भड़काऊ सैन्य आंदोलनों में लिप्त हैं और उसकी ओर से सात सितंबर को भारतीय सैनिकों को डराने के लिए गोलियां भी चलाई गईं. वहीं दूसरी ओर चीन उल्टा भारत पर ही ऐसा करने का आरोप मढ़ने की कोशिश कर रहा है. यह घटना सोमवार को पैंगॉन्ग त्सो (झील) के दक्षिण तट पर शेनपावो पर्वत के निकट रेजांग ला के पास हुई.

तनाव के बीच हो सकती है प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात
एलएसी पर पिछले पांच महीने से जारी तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आयी है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक रूस में चल रहे एससीओ सम्मेलन के दौरान दोनों के राष्ट्रप्रमुखों की यह मुलाकात संभव है.कल दोनों देशों के विदेशमंत्रियों बीच पीएम मोदी और शी जिपिंग की मुलाकात को लेकर चर्चा होगी. एससीओ बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत के विदेशमंत्री एस जयशंकर चार दिन के रूस दौरे पर हैं. इस दौरान उनकी चीनी विदेश मंत्री वांग यी से भी मुलाकात होनी है.

[ad_2]

Source link